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Baby Massage Guide

न्यू बॉर्न मसाज गाइड

भले ही आपका न्यू बॉर्न बेबी बहुत ही नाज़ुक लगता हो, जन्म के बाद जल्दी ही उसकी मसाज का रूटीन बनाने से घबराएँ नहीं। हर दिन की मसाज से, आप दोनों के बीच का बॉन्ड मज़बूत होता है और उसका खुशहाल, हेल्दी विकास होता है।

टच, बेबी को अपना प्यार जताने का सबसे अच्छा तरीका है। बल्कि, जन्म के तुरंत बाद, 25-120 मिनट का स्किन से स्किन का टच, आपके और आपके लाड़ले के बीच होने वाली बातचीत पर आने वाले एक साल तक अच्छा असर करता है!

पहले कुछ हफ़्तों में, एक ही जगह ज़्यादा देर मसाज न करें और धीमे और हल्के स्ट्रोक्स दें। न्यू बॉर्न बेबीस को इससे परेशानी हो सकती है और पहले कुछ हफ़्तों तक अधिकतर बेबीस अपने पेरेंट्स की गोद में रहना ही पसंद करते हैं और कुछ बेबीस को कपड़ों के ऊपर से ही, सिर्फ अपनी पीठ पर हल्की मसाज पसंद आती है।

यहाँ न्यू बॉर्न मसाज गाइड दी गई है, ताकि आप और अच्छे से समझ सकें:


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Massage Resting Hands

हल्के हाथों का इस्तेमाल

अगर आपका बेबी मसाज के लिए "हाँ" कहता है, तो हल्के हाथ से शुरुआत करें। इस तरीके का इस्तेमाल शरीर के किसी भी हिस्से की मसाज करने से पहले किया जाता है। इसका इस्तेमाल मसाज के समय बेबी को ब्रेक देने के लिए भी किया जा सकता है। यह आपके बेबी को सुरक्षित महसूस कराने और टच का मज़ा लेने का अच्छा तरीका है।

Massage Feet

पैर

शुरुआत करने से पहले यह देख लें, कि आपके हाथों में पर्याप्त ऑयल है या नहीं। न्यू बॉर्न बेबी के पैरों से शुरुआत करें क्योंकि ज़्यादातर बेबीस यहाँ से शुरू करने से परेशान नहीं होते हैं। नीचे की ओर स्ट्रोक्स देने से उन्हें ज़्यादा आराम मिलता है।

पैर - मिल्किंग

एक हाथ से, अपने बेबी की एड़ी को पकड़ें। अपना दूसरा हाथ बेबी की जाँघ के ऊपर रखें, पैर के चरों ओर घुमाते हुए, एड़ी तक लाएँ। एक के बाद एक, मज़बूत लेकिन एक जैसे हल्के स्ट्रोक्स के साथ दोहराएँ।

Massage Feet

पंजे

बेबीस को आमतौर पर पंजों की मसाज करवाना पसंद होता है। अगर बेबी सेंसिटिव है, तो देखें कि बेबी का रिएक्शन कैसा है। पंजों की हल्की से मसाज से पूरे शरीर पर अच्छा असर हो सकता है।

अपने अँगूठे और तर्जनी के बीच पैरों की हर ऊँगली को हल्के से दबाएँ और घुमाएँ। पंजे को ऊँगलियों से एड़ी तक, बारी-बारी से दोनों हाथों के अँगूठों के इस्तेमाल से स्ट्रोक दें। कई बार दोहराएँ।

Massage Tummy

पेट

जब आपके बेबी का अम्बिलिकल कॉर्ड सूख जाए, तब पेट पर एक हल्की मसाज पाचन और पेट की परेशानियों में मदद करती है।

बेबी के पेट को हल्के हाथों से छूकर शुरुआत करें। अगर आपका बेबी खुश है, तो एक के बाद एक, दोनों हाथों से हल्के से थपथपाएँ।

Massage Back

पीठ

स्किन से स्किन का टच बेबी और पेरेंट्स के बीच के बॉन्ड को मज़बूत बना सकता है।

अपने बेबी को अपने सीने के करीब पकड़ें, बेबी की गर्दन से शुरू करते हुए पीठ की मसाज करें, और कूल्हों तक रगड़ें।

मसाज से, आप अपने बेबी के बारे में ज़्यादा जान सकती हैं, कि वह कैसे अपने हाव भाव से आपसे बातें करता है और आपको उसके पहले कुछ हफ़्तों में उसकी मदद करने के आईडिया भी मिलते हैं। आप और आपका बेबी यह जान पाते हैं, कि आप दोनों के लिए क्या अच्छा है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है, कि मसाज ऐसी चीज़ है जो आप अपने बेबी को देते नहीं हैं, बल्कि उसके साथ करते हैं। बेबी मसाज के कई फायदों के बारे में जानें।

मसाज के ये स्ट्रोक इन्फैंट मसाज पर आधारित हैं: IAIM की संस्थापिका, विमला मैक्क्लुरे की अ हैंडबुक फॉर लविंग पेरेंट्स।

IAIM एक गैर-लाभकारी संगठन है और किसी भी प्रॉडक्ट का समर्थन नहीं करता है।

बेबी के होने के बाद डिप्रेशन और आपस में बातचीत और बॉन्डिंग के लिए टच का इस्तेमाल

कई माएँ और कुछ पिता, अपने बेबी के जन्म के बाद, एक तरह के डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। इसमें, 'बेबी ब्लूज़' आम है और इसमें माँ एक पल बहुत ख़ुशी महसूस करती है और दूसरे ही पल बहुत इमोशनल हो जाती है। आमतौर पर यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। डिप्रेशन ज़्यादा गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली स्थिति है और यह बेबी के जन्म के तुरंत बाद या बाद में कभी भी हो सकता है।

बेबी के होने के बाद होने वाले डिप्रेशन के बारे में रिसर्च से पता चलता है, कि मसाज, पेरेंट्स और बेबी के बीच के लगाव को बढ़ाने में मदद करती है, क्योंकि यह आई कॉन्टैक्ट , छूने, एक दूसरे को सुनने और आपस में बातचीत का सबसे अच्छा समय होता है।

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हम माँओं, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के साथ काम करते हैं ताकि हमें यह भरोसा रहे कि हमारे प्रॉडक्ट्स सुरक्षा, क्वालिटी और देखभाल के सबसे ऊँचे स्टैंडर्ड्स पर हमेशा खरे उतरते रहैं।

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टच और बेबी मसाज के फायदे
टच और बेबी मसाज के फायदे

जेंटल स्ट्रोक के साथ आपके बेबी की रोज़ाना मसाज करने से उसे अच्छा महसूस होता है और उसके साथ आपकी बॉन्डिंग मज़बूत होती है, इससे उसके हेल्दी विकास में मदद मिलती है।

बेबी के मसाज के क्या फायदे हैं

बेबी मसाज के तरीके
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जानें बेबी मसाज के कुछ तरीके और टिप्स जिनसे आपके लाड़ले को फायदा मिल सके।

आपके बेबी की मसाज का पहला कदम

न्यू-बॉर्न मसाज गाइड
न्यू-बॉर्न मसाज गाइड

आपके न्यू-बॉर्न बेबी को 100% जेंटल केयर की ज़रूरत होती है। जानें कि उसकी नाज़ुक स्किन को सुरक्षित और जेंटल तरीके से किस तरह मसाज करें कि उसका विकास होता रहे।

आपके न्यू बॉर्न बेबी की मसाज कैसे करें

बेबी मसाज गाइड- छः हफ्ते से बड़े बेबीस
बेबी मसाज गाइड- छः हफ्ते से बड़े बेबीस

जैसे-जैसे बेबी बड़ा होता है, तो आपके हर दिन की मसाज के रूटीन में आप और स्ट्रोक्स बढ़ा सकते हैं, इससे बेबी को ज़्यादा आराम मिलता है और मसाज के फायदे भी बढ़ जाते हैं। यहाँ बेबी की मसाज के कुछ टिप्स दिए गए हैं:

छः हफ्तों से ज़्यादा उम्र के बेबीस की मसाज

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