छः हफ्ते का होने पर, आपका बेबी पहले से ज़्यादा प्रतिक्रिया देने लगता है, वह अब और व्यवस्थित और पूरी मसाज के लिए तैयार हो जाता है, जिससे आपको उसके साथ अपने बॉन्ड को मज़बूत करने का मौका मिलता है, जिससे मसाज का असर दोगुना हो जाता है।
बेबी ऑयल मसाज अपने बेबी के साथ बातचीत करने और खेलने का एक बेहतरीन तरीका है। यहाँ कुछ और स्ट्रोक्स दिए गए हैं, जिन्हें आप अपने मसाज के रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

पेट
बेबी के पेट की मसाज करना, उसे सुरक्षित महसूस कराने का बहुत अच्छा तरीका है, साथ ही इससे पेट से जुड़ी परेशानियाँ, जैसे कोलिक और कब्ज़ से भी राहत मिलती है।
अगर आपका बेबी खुश है, तो आप उसके पेट को एक के बाद एक दोनों हाथों से हल्के से थपथपा सकते हैं।

पेट पर 'आई लव यू'
हल्के हाथ से शुरुआत करें।
अपने बेबी के पेट के बाईं ओर (आपके दाएँ) अपने दाएँ हाथ से एक स्ट्रोक नीचे की तरफ दें।
बेबी के दाईं से बाईं ओर जाते हुए, उल्टा और एक तरफ से 'एल' बनाएँ।
बेबी की निचली दाईं तरफ से, ऊपर, फिर दूसरी ओर आते हुए, पेट के बाईं तरफ नीचे तक, एक उल्टा 'यू' बनाएँ। इन स्ट्रोक्स को देते समय 'आई लव यू' शब्द बोलें।

सीना
सीने की हल्की कोमल मालिश से कंजेशन की परेशानी से राहत मिल सकती है। सीने को हल्के से छूते समय, कभी-कभी आपको रुक कर, हाथों को वहीं रोक कर, अपनी फीलिंग एक दूसरे से शेयर करनी चाहिए।
उसके सीने के बीच में अपने दोनों हाथ रख कर, जिस तरह किसी किताब के पन्नों को सपाट करते हैं, वैसे हाथों को बाहर की ओर ले जाते हुए स्ट्रोक दें। अपने बेबी से बातें करते हुए, अपने हाथों को नीचे की ओर लाएँ, दोनों को गोल घुमाते हुए वापस बीच में लाएँ।

टच रिलैक्सेशन
मसाज करते समय, किसी भी उम्र में और किसी भी समय, टच रिलैक्सेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। कभी-कभी बेबीस के शरीर में अकड़न बनी रह सकती है और बाँहों और पैरों पर इस तरीके के इस्तेमाल से, आपके बेबी को आराम मिलता है।
अपने बेबी को रिलैक्स होने के लिए कहते हुए, उसकी बाँह या पैर पर अपने हाथों को हल्के से घुमाएँ। एक हल्की सी आवाज़ में "रिलैक्स" शब्द को दोहराएँ। जब आपको लगे, कि आपका बेबी आपको जवाब दे रहा है, तो उसकी तारीफ करते हुए, मुस्कुराएँ और एक किस दें।

हाथ
यह आपके बेबी को अपने हाथों को आराम देने का तरीका सिखाने का एक शानदार तरीका है। अपने अंगूठे का इस्तेमाल करके धीरे से उसका हाथ खोलें, अपनी तर्जनी और अंगूठे के बीच हर ऊँगली को रोल करें और आखिरी में उसके हाथ के ऊपर वाले हिस्से पर, कलाई से ऊँगलियों तक स्ट्रोक दें।

चेहरा
चेहरे की मसाज से सकिंग, रोने और दाँत निकलने से होने वाली तकलीफ से हुई अकड़न को दूर करने में मदद मिलती है।
बेबीस आपके हरकतों और हाव भाव की नकल करते हैं। यह आँखों में आँखें डाल कर एक दूसरे को देखने का और खुशियों भरा समय साथ बिताने का एक प्यारा सा पल होता है। उसके जबड़ों के आसपास अपनी ऊँगलियों से छोटे-छोटे गोले बनाएँ।

पीठ
आपका बेबी अब अपना सिर उठा सकता है, उसकी पीठ की मसाज से उसकी गर्दन, कंधे और बाहें मज़बूत हो सकती हैं; साथ ही ऐसा करने पर वह शांत होता है और उसे आराम मिलता है।
अपने बेबी को पेट के बल लिटा कर, पीठ के ऊपरी हिस्से से, रीढ़ की हड्डी से बहार की तरफ, दोनों ओर, दोनों हाथों से एकसाथ शुरूआत करें। पीठ से नीचे कूल्हों तक अपने हाथों को आगे-पीछे विपरीत दिशाओं में घुमाएँ, फिर कंधों तक जाएँ और फिर नीचे आएँ। फिर उसकी गर्दन से नीचे, उसके पंजों तक अपना हाथ घुमाएँ।
मसाज से, आप अपने बेबी के बारे में ज़्यादा जान सकती हैं, कि वह कैसे अपने हाव भाव से आपसे बातें करता है और आपको उसके पहले कुछ हफ़्तों में उसकी मदद करने के आईडिया भी मिलते हैं। आप और आपका बेबी यह जान पाते हैं, कि आप दोनों के लिए क्या अच्छा है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है, कि मसाज ऐसी चीज़ है जो आप अपने बेबी को देते नहीं हैं, बल्कि उसके साथ करते हैं।
मसाज के ये स्ट्रोक इन्फैंट मसाज पर आधारित हैं: IAIM की संस्थापिका, विमला मैक्क्लुरे की अ हैंडबुक फॉर लविंग पेरेंट्स।
IAIM एक गैर-लाभकारी संगठन है और किसी भी प्रॉडक्ट का समर्थन नहीं करता है।






